शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2021
दलित सवर्णों से पहले मंदिर में करते हैं प्रवेश, होता है प्रतीकात्मक युद्ध
गुरुवार, 7 अक्टूबर 2021
हे दुर्गे
सोमवार, 30 अगस्त 2021
भगवान होने के लिए..
शनिवार, 17 जुलाई 2021
दानिश
मंगलवार, 1 जून 2021
एक गांव-अनेक गांव
शनिवार, 29 मई 2021
अनुत्तरित
सोमवार, 24 मई 2021
घर-वापसी
रविवार, 28 मार्च 2021
होलिका में कौन जला..
जब भी होलिका को
जलते हुए देखोगे
तो वहां होलिका को
जलते हुए मत देखना
यह देखना कि कैसे
आज भी हिरण्यकश्यप
स्वघोषित ईश्वर कहलाता है
कैसे वह
अपने ही पुत्र के लिए
चिता सजाता है
कैसे आग से नहीं
जलने वाली होलिका को
उसमें बैठाता है
कैसे होलिका जल जाती है
प्रह्लाद बाहर निकल आता है
और सुनो
यह भी देखना कि
उसमें हम ही तो नहीं जल रहे हैं..
जोगीरा
रविवार, 21 मार्च 2021
प्रेम की तस्वीर
सोमवार, 8 मार्च 2021
पंख
बुधवार, 2 दिसंबर 2020
कट्टरपंथी
शनिवार, 14 नवंबर 2020
#दीया और #आदमी
शुक्रवार, 21 अगस्त 2020
देवदासी
गुरुवार, 20 अगस्त 2020
शनिवार, 11 अप्रैल 2020
लाक्षागृह
रविवार, 8 मार्च 2020
मरकर जीना..अच्छा होता है..
गुरुवार, 5 मार्च 2020
लाशखोर कौन..?
गुरुवार, 27 फ़रवरी 2020
दंगाई
शुक्रवार, 10 जनवरी 2020
प्रेम मत मांगों
बुधवार, 25 दिसंबर 2019
सुनो जिंदगी
शनिवार, 7 दिसंबर 2019
स्त्री एक देह है
मंगलवार, 17 सितंबर 2019
तितलियाँ
तितलियाँ
(अरुण साथी)
सबसे पहले कैद की
गयी होंगी
तितलियाँ!
फेंका गया होगा जाल
छटपटाई भी होंगी
तितलियाँ!
फिर कैद से उन्मुक्त होने
अपने पंखों को
फड़फड़ाई भी होंगीं
तितलियाँ!
फिर उत्कट आकांक्षा में
तोड़ दिए गए होंगे उनके पंख
तो रोई भी होंगी
तितलियाँ!
फिर लोकतंत्र के मसीहा
ने आकर मुक्त किया
और आह्लाद से दिग दिगंत
जयकार हुआ
तो क्या इस राजनीति को
समझ भी पायीं होंगी
तितलियाँ....
गुरुवार, 5 सितंबर 2019
सुनो प्रेम
सुनो प्रेम
अरुण साथी
सुनो प्रेम
अब तुम इस
पार मत आना
चाँद के उस पार
ही अपना घर बसाना
इस पार तो अब
बसेरा है नफरत का..
सुनो प्रेम
इस पार कहीं
धर्म तो कहीं जाति
और कहीं कहीं
औकात से तुम्हें
तौला जाता है
और कहीं तो
प्रेम लव जिहाद
भी हो जाता है..
फिर क्या
आदमी
आदमी को
अब यहाँ भून
के खाता है..

