शनिवार, 19 फ़रवरी 2022

समय की सीख

समय की सीख

(अरूण साथी)

समय से सीखा है
समय के विपरीत होते ही
कलेजे को पत्थर का करना

 
तेज ज्वारभाटा के बीच 
नाव की पतवार समर्पित कर 
धार में चुपचाप बहना


सीखा है यह भी कि
जब चारो ओर हो
धुप्प अंधेरा 
तो अपने अंदर 
को रौशन करना

जिनको शोर करने की 
आदत है वे जाने
हमने सीखा 
कर्मों से 
सच को सच
स्थापित करना