गुरुवार, 7 अक्तूबर 2021

हे दुर्गे

हे दुर्गे
***
नवरात्र में
पुरुषों के मन में
नारी के लिए
कितना सम्मान है..?
कहीं पूजा
कहीं हवन
कहीं पाठ
कहीं उपवास
कहीं अनुष्ठान है..!

हे माँ दुर्गे 
बताओ
कोख में मरती बेटी
दहेज हेतु जलती बहू 
आबरू लूट कर
अट्टहास करने वाला
कहाँ रहता वह शैतान है...?

3 टिप्‍पणियां:

  1. जी नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना शुक्रवार ८ अक्टूबर २०२१ के लिए साझा की गयी है
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    सादर
    धन्यवाद।

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  2. सटीक प्रश्न । सबको अपने अंतः कारण में झाँकना चाहिए ।

    जवाब देंहटाएं