रविवार, 15 अप्रैल 2018
शुक्रवार, 13 अप्रैल 2018
सधर्मी बलात्कारी
काठ मारने जैसा
कुछ दरिंदो ने
एक मासूम सी
कश्मीर की परी
से बलात्कार कर
हत्या कर दी..
उस मासूम की
कारुणिक क्रंदन भी
भी सुनाई दिया होगा...
दरिंदों के दिल तक
पहुंची तो होगी...
दरिंदे होते है
उसका
अपना धर्म
अपनी जाति
अपना समाज होता है..
फिर
उस मासूम सी परी
की लाश को
विधर्मी बता कर
कौन नोंच नोंच
कर खा रहा है..
दरिंदों को
ये कौन है
जो सधर्मी सधर्मी
कह रहा है....
कौन है...
कौन है...
रविवार, 1 अप्रैल 2018
उत्पीड़न हेतु भारत बंद
#दलित_उत्पीड़न
कानून के दुरुपयोग
से हो रहे उत्पीड़न
को रोकने के लिए
जांच कर कार्यवाई
के उच्चतम न्यायालय
के आदेश पे #भारत_बन्द है,
कम वोट बैंक वालों का
मौलिक अधिकार
खत्म करने का
यह नेता मंत्र है,
ओह!
यह कैसा लोकतंत्र है..
#साथी के #बकलोल_वचन
अंत राष्ट्रीय मूर्खाधिराज नोबेल पुरस्कार केजरीवाल को ...
शनिवार, 31 मार्च 2018
बंदरी ने मूर्ख बनाया..
सोमवार, 19 मार्च 2018
बड़गड़ सवाल
किस्सा, कहानी में
भेड़िया आया,
भेड़िया आया
कहे वला बुतरू ही
केजरीवाल हो..
सबके चोर चोर
करके एतना कैलको
बबाल हो...
सबसे माफी मांग
कैलको निढाल हो...
सचमुच् भेड़िया अईतो
त अब के पतियातो
इहे बड़गड़ सवाल हो..?
#साथी के #बकलोल_वचन
(भाषा - मगही,)
रविवार, 18 मार्च 2018
अजी हमपे क्यों बिगड़ते हो..
"साहेब, युवाओं के
रोटी, रोजगार
के लिए कुछ क्यों
नहीं करते है.."
"मंहगाई से लोग
परेशान है
और किसान आज भी
आत्महत्या कर मरते है.."
#साहेब
"जिन्हें जो पसंद है
हम वही करते है
उनसे पूछिये जो
मंदिर-मस्जिद, गाय
के लेकर झगड़ते है,
अजी हमपे क्यों बिगड़ते है...
#साथी के #बकलोल_वचन
बुधवार, 27 दिसंबर 2017
बुलेटवा अब दहेजुआ गाड़ी हो.. (सामाजिक कुरीति दहेज पे अपनी मगही बोली में चोट किया है.. पढ़िए तो..)
बुलेटबा अब दहेजुआ गाड़ी हो गेलो।
खरीदे खातिर निम्मल बेटी बाप के गियारी हो गेलो।।
पहले ई सवारी हलो रंगदार औ ठेकेदार के,
पहचान लगि देखाबा करे वाला जमिंदार के,
या तर माल कम्बे वाला पुलिस औ थानेदार के,
खरीदे खातिर निम्मल बेटी बाप के गियारी हो गेलो।।
जन्ने जाहो ओनने दहेज मांगतो कस के,
सब फाइनल होला पर बुलेट ले लड़का रुसल हो,
लड़का के माय बोलथुन रभस के!!
बुलेट नै होलो झिंगुनी के तरकारी हो गेलो।।
खरीदे खातिर निम्मल बेटी बाप के गियारी हो गेलो।।
दहेज के रुपैया पर बेटा के बाप नितराबो हइ,
पाई पाई गिना के बेटी बाप के चोकर छोडाबो हइ,
उहे रुपैया फेर गुड्डी नियर उडाबो हइ,
दोसर के पैसा पर अपन्न झुठठो शान देखबो हइ,
दहेज तो अब जैसे नियम सरकारी हो गेलो।।
खरीदे खातिर निम्मल बेटी बाप के गियारी हो गेलो।।
बुधवार, 20 दिसंबर 2017
फेसबुक औ व्हाट्सएप समाचार
फेसबुक औ व्हाट्सएप
के एतने समाचार हो..
अधजल नगरी, छलकत नेता
करे में लगल अपन्न प्रचार हो..
फेसबुक औ व्हाट्सएप
के एतने समाचार हो..
ठग, उठाईगीर
लफुआ, छपट्टावीर
सब ऐजा संत हो,
एडमिन बनके,
बकलोलो महंत हो...
कि कहियो, आझकल इहे से
बुतरू के बदलल व्यवहार हो.
फेसबुक औ व्हाट्सएप
के एतने समाचार हो..
आझे ई खैलियो
आझे ई पकलियो
ठंढा में आठ दिन पर
आझे नहैलियो
औ तो औ साबुन भी लगैलियो..
श्राद्ध से लेके शादी के
सेल्फी भरमार हो..
फेसबुक औ व्हाट्सएप
के एतने समाचार हो..
पहले मुर्गी कि पहले अंडा
राजनीति के एतने हो फंडा
राम-रहीम लड़ाबे के जेकर हो धंधा
उहे आझ हो सबसे बड़का बंदा..
पढलको लिखलका भी धर्म के खीँचले तलवार हो...
फेसबुक औ व्हाट्सएप
के एतने समाचार हो..
बकरी देलको बच्चा
औ मुर्गी के लगलो बोखार हो
चार दिन से सासू माय के
बहिन के ननद के बेटा बीमार हो
सब अपन्न अपन्न आदत से लाचार हो..
फेसबुक औ व्हाट्सएप
के एतने समाचार हो..
अरुण साथी/मगही कविता/21/12/17
रविवार, 26 नवंबर 2017
केजरू
केजरू भैया
भज-पा के तुलना
आईएसआई
कर देलखुन!
मने की
गुणवत्तापूर्ण प्रोडक्ट
के सर्टिफिकेट
लगले धर देलखुन..!!
#साथी के #बकलोल_वचन
सोमवार, 20 नवंबर 2017
साथी
साथी
ठोकरें खाकर अपनों की
जब से संभल गए साथी!
दुनियादार क्या हुआ,
कहते हैं बदल गए "साथी"!!
जिनसे था ग़ुरूर वही
लोग मतलबी निकले,
एक कदम जो तेज चला,
चाल चल गए साथी!!
इक मोहब्बत के नाम जो
कर दी जिंदगी अपनी!
जमाने ने हँसकर कहा,
बेगैरत निकल गए साथी!!
छाँव बनकर ताउम्र
जिनके साथ रहा,
दौरे गुरबत में मुंह फेर
वे भी निकल गए साथी!!
#अरुण_साथी (21/11/17)
शुक्रवार, 29 सितंबर 2017
रावण
प्रकांड विद्वान
सिद्ध तपस्वी
शिव भक्त
ब्रह्मा वंशज
स्वप्नद्रष्टा
अजर-अमर
होकर भी वह
नायक नहीं
कहलाता है,
एक अहँकार से
हर कोई रावण
हो बन जाता है..
आईये इस दशहरा
अपने अहंकार का
पुतला बनाते है,
अपने ही हाथों
अपने अंदर के
रावण को जलाते है..
अरुण साथी
(विजयादशमी की शुभकामनाएं)
बुधवार, 23 अगस्त 2017
कौरव कौन, पांडव कौन...
कौरव कौन, कौन पांडव (कविता)
*अटल बिहारी वाजपेयी*
कौरव कौन
कौन पांडव,
टेढ़ा सवाल है।
दोनों ओर शकुनि
का फैला
कूटजाल है।
धर्मराज ने छोड़ी नहीं
जुए की लत है
हर पंचायत में
पांचाली
अपमानित है।
बिना कृष्ण के
आज
महाभारत होना है,
कोई राजा बने,
रंक को तो रोना है।
प्रस्तुति:-अरुण साथी
रविवार, 28 मई 2017
कमी बाकी रख..
एक मुसलसल सी कमी बाकी रख!
पावों तले थोड़ी सी जमीं बाकी रख!!
ठोकरों से संभलना सीख ले "साथी"!
आंखों में थोड़ी सी नमी बाकी रख!!
महबूब को बेबफा न कहा करो यूँ ही,
मोहब्बत पे थोड़ा सा यकीं बाकी रख!!
@अरुण साथी 21/05/17
शनिवार, 20 मई 2017
मोहब्बत पे यकीं
एक मुसलसल सी कमी बाकी रख!
पावों तले थोड़ी सी जमीं बाकी रख!!
ठोकरों से संभलना सीख ले "साथी"!
आंखों में थोड़ी सी नमी बाकी रख!!
महबूब को बेबफा न कहा करो यूँ ही,
मोहब्बत पे थोड़ा सा यकीं बाकी रख!!
@अरुण साथी 21/05/17
बुधवार, 19 अप्रैल 2017
अफ़ीम
अफ़ीम
**
भूख
गरीबी
बेरोजगारी
अशिक्षा
से बिलखते
माँ भारती के बच्चों को
वे बड़ी आसानी से सुला देते है,
**
ये राजनेता
जागने से पहले ही
बच्चों को फिर से
धर्म की अफ़ीम चटा देते है..
@arunsathi
शनिवार, 15 अप्रैल 2017
साथी के बकलोल वचन
दहेज प्रथा
बाल विवाह
जात-पात
खतम करे के
नीतीश जी
के जगलो हें चाह,
मने की,
पोलटिक्स छोड़
साहेब पकड़ता अब
सन्यास आश्रम के राह..
#साथी के #बकलोल_वचन
शुक्रवार, 14 अप्रैल 2017
शगल
जिंदगी का अजीब फ़लसफ़ा है,
हर एक आदमी दूसरे से खफा है!
गैरों के गुनाहों का बही-खाता है सबके पास,
बस अपने गुनाहों का हिसाब रफा-दफा है!
तौहीन करने का शगल ऐसा है उनका,
खुद ही तोहमत लगा लेते कई दफा है!
किसपे करूं यकीन कहो तो "साथी",
करो भरोसा जिसपे मिलती जफ़ा है!!
गुरुवार, 13 अप्रैल 2017
बिना पेंदी का लोटा
जबसे कजरी
बिना पेंदी का लोटा हुआ,
तब से एक एक
वोट का टोटा हुआ..
2
उम्मीद टूटने बालों
का लगा है श्राप,
जमानत जप्ती का
रिकॉर्ड बना रही "आप"..
#साथी के #बकलोल_वचन
परजीवी
परजीवी
****
यार-दोस्त
भाई-बंधु
समान होता है,
और साथ रहकर
आदमी खून चूस
खोखला कर देता है..
साथी के बकलोल वचन
🙈🙊🙉
सोमवार, 10 अप्रैल 2017
मंगलवार, 4 अप्रैल 2017
हे राम
हे राम
अपने जीवन में
राम के आदर्शों को
रत्ती भर भी
नहीं उतार रहे हैं,
वैसे लोग भी
चौक-चौराहे पर
जय श्रीराम
चिंघाड़ रहे हैं ...
कैसा कलिकाल
आया अब तो
रावण के वंशज ही
धर्म ध्वजा लेकर
राम को मार रहे हैं...
सोमवार, 27 मार्च 2017
नया खुदा चुन लें..
दुनिया की आबोहवा में जहर बहुत है,
चलो अब मुठ्ठी भर ताजी हवा चुन लें!!
मजहब तो नफ़रत बांटता है आजकल,
चलो अब कोई नया खुदा चुन लें!!
काम जिनका है कातिलों का "साथी",
चलो अब रास्ता उनसे जुदा चुन लें!!
रविवार, 26 मार्च 2017
जख्मों का हिसाब मत रख..
जिंदगी में जख्मों का हिसाब मत रख।
गम के पन्ने हो, वैसी किताब मत रख।।
बच्चों की तरह जीता चल जिंदगी।
चेहरे पे कोई भी नकाब मत रख।।
जिससे है शिकवा तो बता दे उसको।
दिल में छुपा के आफताब मत रख।।
शुक्रवार, 10 मार्च 2017
यूपी के बौराल होली
यूपी के बौराल होली
(अरुण साथी)
यूपी वाला पे फगुआ के
चढ़लो ऐसन उमंग,
दबा दबा के ईवीएम के
कैलक खूब हुड़दंग
जोगीरा सारा रा रा...
मोदी जी भी पी
लेलका जैसे भंग,
बोल-कुबोल से छोड़ा
देलका यूपी के जंग
जोगीरा सारा रा रा...
सोंच रहल हे बबुआ
बाबू-चाचा से कैलक काहे जंग
चिंता में डूबल डिम्पल भौजी
केकरा डाले रंग
जोगीरा सारा रा रा...
रो रहल हे राहुल बाबा
मम्मी जी के संग
बहिन जी के ब्लड प्रेशर बढ़ गेल
केजरी कहलक "जनता है मन-मतंग"
जोगीरा सारा रा रा...




