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रविवार, 18 मार्च 2018

अजी हमपे क्यों बिगड़ते हो..

"साहेब, युवाओं के
रोटी, रोजगार
के लिए कुछ क्यों
नहीं करते है.."

"मंहगाई से लोग
परेशान है
और किसान आज भी
आत्महत्या कर मरते है.."

#साहेब
"जिन्हें जो पसंद है
हम वही करते है
उनसे पूछिये जो
मंदिर-मस्जिद, गाय
के लेकर झगड़ते है,
अजी हमपे क्यों बिगड़ते है...
#साथी के #बकलोल_वचन