बुधवार, 10 मार्च 2010

मेरे देश में

मेरे देश में
पिज्जा
एम्बुलेंस से पहले पहूंचती
लूट के बाद पुलिस सजती

मेरे देश में
कार लोन पांच परसेंट पर
एडुकेशन लोन बारह पर मिलती

मेरे देश में
चावल बिकता चालीस रूपये
सिम है मुफ्त में मिलती

मेरे देश में
रही नहीं उम्मीद कहीं अब
चौथेखंभे  से लेकर न्याय तलक है बिकती
मेरे देश में.......

3 टिप्‍पणियां:

  1. चावल बिकता चालीस रूपये
    सिम है मुफ्त में मिलती

    मेरे देश में
    रही नहीं उम्मीद कहीं अब
    चौथेखंभे से लेकर न्याय तलक है बिकता
    एक एक शब्द सच्चाइ को बयाँ करता हुया। लाजवाब रचना है शुभकामनायें

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  2. शानदार रचना ....शुभकामनाएँ
    प्रणव सक्सैना
    amitraghat.blogspot.com

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