बुधवार, 23 मई 2018

92 शिक्षकों की निकली है बहाली...

http://www.sheikhpuranews.com/good-morning-good-news-%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-92-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95/

सोमवार, 16 अप्रैल 2018

हिन्दू आतंकवाद- मुस्लिम आतंकवाद

1
मक्का मस्जिद ब्लास्ट में
तथाकथित
हिन्दू आतंकवाद के
अभियुक्तों के रिहा होने पे
जो लोग न्यायाधीश को
कठघरे में खड़ा कर रहे
वही लोग तथाकथित
मुस्लिम आतंकवाद
के अभियुक्तों
के रिहा होने को
न्याय की जीत बताते है..

2
तथाकथित
हिन्दू आतंकवाद के
अभियुक्तों के रिहा होने पे
जो लोग न्याय की
जीत बता रहे
वही लोग तथाकथित
मुस्लिम आतंकवाद के
अभियुक्तों के रिहा होने पे
न्यायधीश को कठघरे में
खड़ा करते पाये जाते है...

रविवार, 15 अप्रैल 2018

देश क्यों पिछड़ रहा..?

कोई दलित,
कोई सवर्ण
कोई जाट
कोई गुज्जर
कोई पटेल
कोई महार
कोई हिन्दू,
कोई मुसलमान
कोई पंजाबी
कोई ईसाई
के लिए लड़ रहा...
सबको अपनी पड़ी है
देश की बात कौन कर रहा
फिर भी हम पूछते है
भारत क्यों पिछड़ रहा...
#साथ के #बकलोल_वचन

शुक्रवार, 13 अप्रैल 2018

सधर्मी बलात्कारी

सधर्मी बलात्कारी
कठुआ में
काठ मारने जैसा
कुछ दरिंदो ने
एक मासूम सी
कश्मीर की परी
से बलात्कार कर
हत्या कर दी..
दरिंदों को
उस मासूम की
कारुणिक क्रंदन भी
भी सुनाई दिया होगा...
या की उसकी चीत्कार
दरिंदों के दिल तक
पहुंची तो होगी...
पर दरिंदे तो
दरिंदे होते है
उसका
अपना धर्म
अपनी जाति
अपना समाज होता है..
अरे!
फिर
उस मासूम सी परी
की लाश को
विधर्मी बता कर
कौन नोंच नोंच
कर खा रहा है..
अरे!
फिर
उस मासूम सी परी
की लाश को नोचते
हुए ये
विधर्मी विधर्मी
कह कौन
अट्टहास कर रहा है...
अरे!
दरिंदों को
ये कौन है
जो सधर्मी सधर्मी
कह रहा है....
कौन है...
कौन है...

रविवार, 1 अप्रैल 2018

उत्पीड़न हेतु भारत बंद

#दलित_उत्पीड़न
कानून के दुरुपयोग
से हो रहे उत्पीड़न
को रोकने के लिए
जांच कर कार्यवाई
के उच्चतम न्यायालय
के आदेश पे #भारत_बन्द है,

कम वोट बैंक वालों का
मौलिक अधिकार
खत्म करने का
यह नेता मंत्र है,

ओह!
यह कैसा लोकतंत्र है..
#साथी के #बकलोल_वचन

अंत राष्ट्रीय मूर्खाधिराज नोबेल पुरस्कार केजरीवाल को ...

मूर्ख दिवस
पे अंत राष्ट्रीय मूर्खाधिराज
नोबेल पुरस्कार केजरीवाल को
देते हुए जजों ने फरमाया


“वैसे तो इस पुरस्कार
के रेस में मोदी जी आगे
चल रहे थे
पकौड़ा रोजगार
जुमला समाचार
नोटबन्दी, जीएसटी
छपन्न इंच और
राम नाम
जैसे जुमलों से उन्होंने
देश और दुनिया को
मूर्ख बनाया
और यह सब करने में
उन्होंने तीन-चार दशक
गंवाया

आप तो श्रीमान
जादूगर निकले
पहले अन्ना को फंसाया
और अनशन को
हथियार बनाया
सबको भरपेट गरियाया
दिल्ली की कुर्सी हथियाया
आम आदमी बन
आम आदमी के
अरमानो पे
झाड़ू चलाया
और तो और
इतना सबकुछ चंद
महीनों में ही कर दिखाया..

शनिवार, 31 मार्च 2018

बंदरी ने मूर्ख बनाया..

सुबह सुबह बंदरी ने
अकोकिल कर्कश स्वर में
आई लव यू सुनाया
स्नेहसिक्त मन हर्षाया
चेहरे का हर्ष भाव पढ़
बंदरी के मन का
वनफूल खिल आया
फिर उसने
अपने गैर लिपस्टिक रूपी
श्याम स्लेटी चेहरे पे लगे
होठ रूपी कैसेट से
हैप्पी अप्रेल फूल बजाया
तब जाकर माजरा समझ आया
एक बार फिर बंदरी ने
मुझे मूर्ख बनाया
मैंने कहा, बंदरी
प्रेमपाश में पड़
विवाह रूपी विषवेल में
तो मूर्ख भी फंसते है
विद्वतजन भी भला कहीं
ऐसी मूर्खता करते है
इसलिए है प्रिये आओ
दोनों एक दूसरे के फिर
गले लगते है
और
ईश्वर से सात जन्मों तक
निरा मूर्ख पैदा करने की
करबद्ध प्रार्थना करते है….
करबद्ध प्रार्थना करते है….
करबद्ध प्रार्थना करते है….

#साथी के #बकलोल_वचन

सोमवार, 19 मार्च 2018

बड़गड़ सवाल

किस्सा, कहानी में

भेड़िया आया,

भेड़िया आया

कहे वला बुतरू ही

केजरीवाल हो..

सबके चोर चोर

करके एतना कैलको

बबाल हो...

सबसे माफी मांग

कैलको निढाल हो...

सचमुच् भेड़िया अईतो

त अब के पतियातो

इहे बड़गड़ सवाल हो..?

#साथी के #बकलोल_वचन
(भाषा - मगही,)

रविवार, 18 मार्च 2018

अजी हमपे क्यों बिगड़ते हो..

"साहेब, युवाओं के
रोटी, रोजगार
के लिए कुछ क्यों
नहीं करते है.."

"मंहगाई से लोग
परेशान है
और किसान आज भी
आत्महत्या कर मरते है.."

#साहेब
"जिन्हें जो पसंद है
हम वही करते है
उनसे पूछिये जो
मंदिर-मस्जिद, गाय
के लेकर झगड़ते है,
अजी हमपे क्यों बिगड़ते है...
#साथी के #बकलोल_वचन

बुधवार, 27 दिसंबर 2017

बुलेटवा अब दहेजुआ गाड़ी हो.. (सामाजिक कुरीति दहेज पे अपनी मगही बोली में चोट किया है.. पढ़िए तो..)


बुलेटबा अब दहेजुआ गाड़ी हो गेलो।
खरीदे खातिर निम्मल बेटी बाप के गियारी हो गेलो।।
1
पहले ई सवारी हलो रंगदार औ ठेकेदार के,
पहचान लगि देखाबा करे वाला जमिंदार के,
या तर माल कम्बे वाला पुलिस औ थानेदार के,
अब ई हवो-पहलवान के सवारी हो गेलो।
बुलेटबा अब दहेजुआ गाड़ी हो गेलो।
खरीदे खातिर निम्मल बेटी बाप के गियारी हो गेलो।।
2
जन्ने जाहो ओनने दहेज मांगतो कस के,
सब फाइनल होला पर बुलेट ले लड़का रुसल हो,
लड़का के माय बोलथुन रभस के!!
बुलेट नै होलो झिंगुनी के तरकारी हो गेलो।।
बुलेटबा अब दहेजुआ गाड़ी हो गेलो।
खरीदे खातिर निम्मल बेटी बाप के गियारी हो गेलो।।
3
दहेज के रुपैया पर बेटा के बाप नितराबो हइ,
पाई पाई गिना के बेटी बाप के चोकर छोडाबो हइ,
उहे रुपैया फेर गुड्डी नियर उडाबो हइ,
दोसर के पैसा पर अपन्न झुठठो शान देखबो हइ,
दहेज तो अब जैसे नियम सरकारी हो गेलो।।
बुलेटबा अब दहेजुआ गाड़ी हो गेलो।
खरीदे खातिर निम्मल बेटी बाप के गियारी हो गेलो।।
#अरुण_साथी/28/12/17








बुधवार, 20 दिसंबर 2017

फेसबुक औ व्हाट्सएप समाचार

फेसबुक औ व्हाट्सएप
के एतने समाचार हो..

अधजल नगरी, छलकत नेता
करे में लगल अपन्न प्रचार हो..
फेसबुक औ व्हाट्सएप
के एतने समाचार हो..

ठग, उठाईगीर
लफुआ, छपट्टावीर
सब ऐजा संत हो,
एडमिन बनके,
बकलोलो महंत हो...

कि कहियो, आझकल इहे से
बुतरू के बदलल व्यवहार हो.
फेसबुक औ व्हाट्सएप
के एतने समाचार हो..

आझे ई खैलियो
आझे ई पकलियो
ठंढा में आठ दिन पर
आझे नहैलियो
औ तो औ साबुन भी लगैलियो..

श्राद्ध से लेके शादी के
सेल्फी भरमार हो..
फेसबुक औ व्हाट्सएप
के एतने समाचार हो..

पहले मुर्गी कि पहले अंडा
राजनीति के एतने हो फंडा
राम-रहीम लड़ाबे के जेकर हो धंधा
उहे आझ हो सबसे बड़का बंदा..

पढलको लिखलका भी धर्म के खीँचले तलवार हो...
फेसबुक औ व्हाट्सएप
के एतने समाचार हो..

बकरी देलको बच्चा
औ मुर्गी के लगलो बोखार हो
चार दिन से सासू माय के
बहिन के ननद के बेटा बीमार हो

सब अपन्न अपन्न आदत से लाचार हो..
फेसबुक औ व्हाट्सएप
के एतने समाचार हो..

अरुण साथी/मगही कविता/21/12/17

रविवार, 26 नवंबर 2017

केजरू

केजरू भैया
भज-पा के तुलना
आईएसआई
कर देलखुन!

मने की
गुणवत्तापूर्ण प्रोडक्ट
के सर्टिफिकेट
लगले धर देलखुन..!!

#साथी के #बकलोल_वचन

सोमवार, 20 नवंबर 2017

साथी

साथी

ठोकरें खाकर अपनों की
जब से संभल गए साथी!

दुनियादार क्या हुआ,
कहते हैं बदल गए "साथी"!!

जिनसे था ग़ुरूर वही
लोग मतलबी निकले,

एक कदम जो तेज चला,
चाल चल गए साथी!!

इक मोहब्बत के नाम जो
कर दी जिंदगी अपनी!

जमाने ने हँसकर कहा,
बेगैरत निकल गए साथी!!

छाँव बनकर ताउम्र
जिनके साथ रहा,

दौरे गुरबत में मुंह फेर
वे भी निकल गए साथी!!

#अरुण_साथी (21/11/17)

शुक्रवार, 29 सितंबर 2017

रावण

प्रकांड विद्वान
सिद्ध तपस्वी
शिव भक्त
ब्रह्मा वंशज
स्वप्नद्रष्टा
अजर-अमर
होकर भी वह
नायक नहीं
कहलाता है,

एक अहँकार से
हर कोई रावण
हो बन जाता है..

आईये इस दशहरा
अपने अहंकार का
पुतला बनाते है,
अपने ही हाथों
अपने अंदर के
रावण को जलाते है..

अरुण साथी
(विजयादशमी की शुभकामनाएं)

बुधवार, 23 अगस्त 2017

कौरव कौन, पांडव कौन...

कौरव कौन, कौन पांडव (कविता)
*अटल बिहारी वाजपेयी*
कौरव कौन
कौन पांडव,
टेढ़ा सवाल है।
दोनों ओर शकुनि
का फैला
कूटजाल है।
धर्मराज ने छोड़ी नहीं
जुए की लत है
हर पंचायत में
पांचाली
अपमानित है।
बिना कृष्ण के
आज
महाभारत होना है,
कोई राजा बने,
रंक को तो रोना है।
प्रस्तुति:-अरुण साथी

रविवार, 28 मई 2017

कमी बाकी रख..

एक मुसलसल सी कमी बाकी रख!
पावों तले थोड़ी सी जमीं बाकी रख!!

ठोकरों से संभलना सीख ले "साथी"!
आंखों में थोड़ी सी नमी बाकी रख!!

महबूब को बेबफा न कहा करो यूँ ही,
मोहब्बत पे थोड़ा सा यकीं बाकी रख!!

@अरुण साथी 21/05/17

शनिवार, 20 मई 2017

मोहब्बत पे यकीं

एक मुसलसल सी कमी बाकी रख!
पावों तले थोड़ी सी जमीं बाकी रख!!

ठोकरों से संभलना सीख ले "साथी"!
आंखों में थोड़ी सी नमी बाकी रख!!

महबूब को बेबफा न कहा करो यूँ ही,
मोहब्बत पे थोड़ा सा यकीं बाकी रख!!

@अरुण साथी 21/05/17

बुधवार, 19 अप्रैल 2017

अफ़ीम

अफ़ीम
**
भूख
गरीबी
बेरोजगारी
अशिक्षा
से बिलखते
माँ भारती के बच्चों को
वे बड़ी आसानी से सुला देते है,
**
ये राजनेता
जागने से पहले ही
बच्चों को फिर से
धर्म की अफ़ीम चटा देते है..
@arunsathi

शनिवार, 15 अप्रैल 2017

साथी के बकलोल वचन

दहेज प्रथा
बाल विवाह
जात-पात
खतम करे के
नीतीश जी
के जगलो हें चाह,

मने की,
पोलटिक्स छोड़
साहेब पकड़ता अब
सन्यास आश्रम के राह..

#साथी के #बकलोल_वचन

शुक्रवार, 14 अप्रैल 2017

शगल

जिंदगी का अजीब फ़लसफ़ा है,
हर एक आदमी दूसरे से खफा है!

गैरों के गुनाहों का बही-खाता है सबके पास,

बस अपने गुनाहों का हिसाब रफा-दफा है!

तौहीन करने का शगल ऐसा है उनका,
खुद ही तोहमत लगा लेते कई दफा है!

किसपे करूं यकीन कहो तो "साथी",
करो भरोसा जिसपे मिलती जफ़ा है!!

गुरुवार, 13 अप्रैल 2017

बिना पेंदी का लोटा

जबसे कजरी
बिना पेंदी का लोटा हुआ,
तब से एक एक
वोट का टोटा हुआ..

2

उम्मीद टूटने बालों
का लगा है श्राप,
जमानत जप्ती का
रिकॉर्ड बना रही "आप"..

#साथी के #बकलोल_वचन

परजीवी

परजीवी
****
यार-दोस्त
भाई-बंधु
समान होता है,

और साथ रहकर
आदमी खून चूस
खोखला कर देता है..

साथी के बकलोल वचन
🙈🙊🙉

सोमवार, 10 अप्रैल 2017

उपदेश

जिनके हाथ खून से सने होते हैं, हाय !! वे भी गांधीवाद का उपदेश देते हैं!!

मंगलवार, 4 अप्रैल 2017

हे राम

हे राम

अपने जीवन में
राम के आदर्शों को
रत्ती भर भी
नहीं उतार रहे हैं,

वैसे लोग भी
चौक-चौराहे पर
जय श्रीराम
चिंघाड़ रहे हैं ...

कैसा कलिकाल
आया अब तो
रावण के वंशज ही
धर्म ध्वजा लेकर
राम को मार रहे हैं...

सोमवार, 27 मार्च 2017

नया खुदा चुन लें..

दुनिया की आबोहवा में जहर बहुत है,
चलो अब मुठ्ठी भर ताजी हवा चुन लें!!

मजहब तो नफ़रत बंटता है आजकल,
चलो अब कोई नया खुदा चुन लें!!

काम जिनका है कातिलों का "साथी",
चलो अब रास्ते उनसे जुदा चुन लें!!