ब्लॉगिंग करने की बिमारी,
संक्रामक है बड़ी भारी।
जिसको होता इसका इंफेक्शन,
काम नहीं आता कोई इंजेक्शन।
बड़ा खतरनाक है इसका संक्रमण,
यार दोस्त पर करता अतिक्रमण।
कितने ही लोग इससे ग्रस्त है,
घर-बाहर सभी इससे त्रस्त है।
जिसको लगा रोग वह अपने में मस्त है,
रात दिन ब्लॉगिंग करने में व्यस्त है।
कॉमेंट के लिए दिन भर रिफ्रेश करता है,
बिना पढ़े ही दूसरों कें ब्लॉग पर कॉमेंट करता है।
ब्लॉगर की बीबी बेचारी,
साथ निभाना लाचारी।
ब्लॉगर पति जरा भी करता नहीं है प्रेम,
पत्नी, फिट हो जाय कोई थीम है ऐसा फ्रेम।
पत्नी यदि पतिब्रता नहीं होती,
कब की भाग गई होती।
यह रोगे कभी भी, कहीं भी किसी को भी लग सकता है,
इस लिए बंधू कोई उपाय सोंचिए,
एड्स का नहीं, ब्लॉगिंग का टीका खोजिए...
चित्र गूगल देवता से साभार