सोमवार, 27 मार्च 2017

नया खुदा चुन लें..

दुनिया की आबोहवा में जहर बहुत है,
चलो अब मुठ्ठी भर ताजी हवा चुन लें!!

मजहब तो नफ़रत बंटता है आजकल,
चलो अब कोई नया खुदा चुन लें!!

काम जिनका है कातिलों का "साथी",
चलो अब रास्ते उनसे जुदा चुन लें!!

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