गुरुवार, 14 अप्रैल 2011

अन्नागिरी



अन्नागिरी

जब अन्ना ने लिया संकल्प
लोकतंत्र को बचाने का
जन लोकपाल लाने का
और
भ्रष्टाचार मिटाने का
तब
पूरा देश अन्ना के साथ
खड़ा हो गया।

किसी ने कहा
लौट आये गांधी
किसी ने कहा
आई आंधी
तुमने भी बुराई के विरूद्ध उठाया हाथ
अन्ना का दिया का दिया साथ।

पर
रूको
और मुठ्ठी भींच लो
दुनीया की छोड़ो
अपनी सीमा रेखा खींच लो
भ्रष्टाचार नहीं करेगें
भ्रष्टाचार नहीं सहेगें

फिर सफल होगें अन्ना
पूरा होगा गांधी का सपना...

2 टिप्‍पणियां:

  1. पर
    रूको
    और मुठ्ठी भींच लो
    दुनीया की छोड़ो
    अपनी सीमा रेखा खींच लो
    भ्रष्टाचार नहीं करेगें
    भ्रष्टाचार नहीं सहेगें...

    So true !

    .

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