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मंगलवार, 27 सितंबर 2016

दासी लोकतंत्र

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दासी लोकतंत्र ** साथी उवाच "क्यों जनतंत्र में मालिक जनता भूखी और प्यासी है? राजा के घर क्रंदन क्यों है? क्यों मुख पे छाई उदास...
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Arun sathi
साधारण आदमी। गांव में रहना-सहना। ब्लॉग से पूराना नाता। कुछ भी लिखते रहने की आदत। अपने बारे में बताने को कुछ खास नहीं। बिहार के शेखपुरा जिले के शेरपर गांव निवासी। मीडिया का प्यादा भी। बाकी सब ठीक है। बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय, जो दिल ढूंढा आपना, मुझसा बुरा न कोय...
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