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शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2021

दलित सवर्णों से पहले मंदिर में करते हैं प्रवेश, होता है प्रतीकात्मक युद्ध

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दलित सवर्णों से पहले मंदिर में करते हैं प्रवेश, होता है प्रतीकात्मक युद्ध सवर्णों और दलितों के बीच भेदभाव, छुआछूत, शोषण, दमन के ...
गुरुवार, 7 अक्टूबर 2021

हे दुर्गे

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हे दुर्गे *** नवरात्र में पुरुषों के मन में नारी के लिए कितना सम्मान है..? कहीं पूजा कहीं हवन कहीं पाठ कहीं उपवास कहीं अनुष्ठान ...
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सोमवार, 30 अगस्त 2021

भगवान होने के लिए..

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#भगवान कैदखाने में माँ देवकी मौत के आगोश में जिसे जन्म दिया वही कृष्ण है माता यशोदा का प्यार और कभी कालिया नाग तो कभी राक्षसी से...
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शनिवार, 17 जुलाई 2021

दानिश

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दानिश उसकी कानों को सच सुनने की आदत नहीं है न ही उसकी आँखों को सच देखना अच्छा लगता है फिर कैसे वह दानिश को पसंद करता उसकी तस्वीर...
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मंगलवार, 1 जून 2021

एक गांव-अनेक गांव

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हर गांव में बसते हैं कई गांव  एक गांव में एक गांव अमीरों का होता है एक गांव में दूसरा गांव गरीबों का होता है  गरीबों के गांव में भी अमीर बसत...
शनिवार, 29 मई 2021

अनुत्तरित

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अनुत्तरित -- खुद ही भट्ठी बनाई  भाथी भी खुद ही बनाया खुद ही कोयले सजाए  धीरे-धीरे भाथी से हवा दी आग सुलगाई फिर खुद ही खुद को झोंक दिया लहलह ...
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सोमवार, 24 मई 2021

घर-वापसी

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दरवाजे खिड़कियां खुली रखी थी हमेशा हर कोई आ-जा सकता था बेरोकटोक हवाओं की तरह दृश्य-अदृश्य स्पृह-अस्पृह न जाली, न पर्दे, न शीशे सब कुछ खुला ख...
20 टिप्‍पणियां:
रविवार, 28 मार्च 2021

होलिका में कौन जला..

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जब भी होलिका को जलते हुए देखोगे तो वहां होलिका को जलते हुए मत देखना यह देखना कि कैसे आज भी हिरण्यकश्यप स्वघोषित ईश्वर कहलात...
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जोगीरा

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1 बेच दिए रेल बेच दिए जहाज बेच कर रोजगार साहेब बने बन्दनवाज जोगीरा सारा रा रा 2 खरीद लिए कैमरा खरीद लिए कलम अब तो चारणी कर चौथे ...
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रविवार, 21 मार्च 2021

प्रेम की तस्वीर

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#अहोभाव आंखों से लिखो प्रेम प्रिये आंखों से पढ़ो प्रेम प्रिये आंखों से कहो प्रेम प्रिये आंखों से सुनो प्रेम प्रिये ** अकारण कारण ...
सोमवार, 8 मार्च 2021

पंख

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#पंख पहले पंख लगाए फिर चलना सीखा फिर पंख फैलाये फिर उड़ना सीखा फिर सपने संजोए आसमान को छूने की फिर संघर्ष किया बुलंदी तक उड़ने की ...
11 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 2 दिसंबर 2020

कट्टरपंथी

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वे ईश्वर के नाम पर फ्रांस में गला काटने का विरोध करते हैं वे फ्रांस के शार्ली हेब्दो में  कार्टून बनाने पर  नरसंहार की निंदा करते हैं वे आतं...
3 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 14 नवंबर 2020

#दीया और #आदमी

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#दीया और #आदमी ** वह जल रहा है अनवरत टिमीर टिमीर टिमटिम ** मद्धिम सी लौ सारे जहां को कहाँ कर पाती रौशन ** हवा के थपेड़े बाती का स...
8 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 21 अगस्त 2020

देवदासी

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देव-दासी ** सुनो स्त्री जंजीर सिर्फ लोहे की ही नहीं होती वह पांव में पायल गले में मंगलसूत्र माथे पे सिंदूर हाथों में चूड़ियां या फिर करवा चौथ...
5 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 20 अगस्त 2020

पुनर्नवा

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ठीक उसी दिन जिस दिन उसने मुझे मौत दी थी मेरा नया  जन्म हो गया..
3 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 11 अप्रैल 2020

लाक्षागृह

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निज स्वार्थ  सिद्धि में  जब भाई को मारने  भाई ही लाक्षागृह सजायेगा उस समय तो  पांडव बच गए  आज का भाई तो मारा ही जाएगा
4 टिप्‍पणियां:
रविवार, 8 मार्च 2020

मरकर जीना..अच्छा होता है..

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सुनो स्त्री तुम खुश मत होना महिला दिवस पे बधाई पाकर क्योंकि ये वही लोग है जो उपासना के बाद कन्या पूजन कर तुमको निर्भया बनाते है....
4 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 5 मार्च 2020

लाशखोर कौन..?

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(यह तस्वीर मेरे बरबीघा की है। उसी को देख शब्द रूप वेदना है..) यह नवजात लाश किसकी है और इसे नोंच कर खाने  वाला कौन है.. ठीक से दे...
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गुरुवार, 27 फ़रवरी 2020

दंगाई

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एक तरह के दंगाई धर्म देखकर घर जलाए गला काटा गोली मारी कत्ल किया अस्मत लूटी 2 दूसरे तरह के दंगाई धर्म देख कर गुनाहगार तय कर रहे ध...
1 टिप्पणी:
शुक्रवार, 10 जनवरी 2020

प्रेम मत मांगों

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उस स्त्री ने  प्रेम माँग लिया उसे बहुत बुरा लगा **** वह जानता था स्त्री तो देह है निष्प्राण  मिट्टी का माधो *** बेशर्म बेहया बेल...
1 टिप्पणी:
बुधवार, 25 दिसंबर 2019

सुनो जिंदगी

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सुनो जिंदगी *** यह ठीक है कि तुम सीढ़ी हो और सांप भी यह भी ठीक ही है कि सौ घरों में एक-एक कदम चलकर दूरी तय करना होता है यह भी ठीक...
7 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 7 दिसंबर 2019

स्त्री एक देह है

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#देह स्त्री एक देह है माँ-बहन बहु-बेटी नहीं.. उसे कैद करो इज्जत के पिंजरे में बलात्कार करो उसका और इज्जत भी उसी की लुट जाएगी लुट...
मंगलवार, 17 सितंबर 2019

तितलियाँ

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तितलियाँ (अरुण साथी) सबसे पहले कैद की गयी होंगी तितलियाँ! फेंका गया होगा जाल छटपटाई भी होंगी तितलियाँ! फिर कैद से उन्मुक्त होने अपन...
3 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 5 सितंबर 2019

सुनो प्रेम

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सुनो प्रेम अरुण साथी सुनो प्रेम अब तुम इस पार मत आना चाँद के उस पार ही अपना घर बसाना इस पार तो अब बसेरा है नफरत का.. सुनो प्रेम इस...
1 टिप्पणी:
शुक्रवार, 23 अगस्त 2019

राधा कृष्ण

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कृष्ण इसलिए कृष्ण है क्योंकि कृष्ण, कृष्ण है कृष्ण माखन चोर है कृष्ण भावविभोर है कृष्ण बांसुरी बजैया है कृष्ण ही तो कन्हैया है ...
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Arun sathi
साधारण आदमी। गांव में रहना-सहना। ब्लॉग से पूराना नाता। कुछ भी लिखते रहने की आदत। अपने बारे में बताने को कुछ खास नहीं। बिहार के शेखपुरा जिले के शेरपर गांव निवासी। मीडिया का प्यादा भी। बाकी सब ठीक है। बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय, जो दिल ढूंढा आपना, मुझसा बुरा न कोय...
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