साथी

बुधवार, 25 दिसंबर 2019

सुनो जिंदगी

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सुनो जिंदगी *** यह ठीक है कि तुम सीढ़ी हो और सांप भी यह भी ठीक ही है कि सौ घरों में एक-एक कदम चलकर दूरी तय करना होता है यह भी ठीक...
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शनिवार, 7 दिसंबर 2019

स्त्री एक देह है

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#देह स्त्री एक देह है माँ-बहन बहु-बेटी नहीं.. उसे कैद करो इज्जत के पिंजरे में बलात्कार करो उसका और इज्जत भी उसी की लुट जाएगी लुट...
मंगलवार, 17 सितंबर 2019

तितलियाँ

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तितलियाँ (अरुण साथी) सबसे पहले कैद की गयी होंगी तितलियाँ! फेंका गया होगा जाल छटपटाई भी होंगी तितलियाँ! फिर कैद से उन्मुक्त होने अपन...
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गुरुवार, 5 सितंबर 2019

सुनो प्रेम

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सुनो प्रेम अरुण साथी सुनो प्रेम अब तुम इस पार मत आना चाँद के उस पार ही अपना घर बसाना इस पार तो अब बसेरा है नफरत का.. सुनो प्रेम इस...
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शुक्रवार, 23 अगस्त 2019

राधा कृष्ण

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कृष्ण इसलिए कृष्ण है क्योंकि कृष्ण, कृष्ण है कृष्ण माखन चोर है कृष्ण भावविभोर है कृष्ण बांसुरी बजैया है कृष्ण ही तो कन्हैया है ...
रविवार, 23 जून 2019

अहंकार

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अहंकार रोकता है टोकता है ठोकता है जकड़ता है पकड़ता है कभी खुद से कभी गैरों से लड़ाता है लड़ता है यह अहंकार ही है जो आदमी को गिरने के...
शुक्रवार, 9 नवंबर 2018

तेज का प्रताप और तलाक

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धर्मपत्नी जी को सुबह सुबह गुड न्यूज़ सुनाया.. कहा, तेज ने प्रताप दिखाया तलाक की अर्जी लगाया ऐश्वर्या जैसी वीबी को भी पाँच माह झेल न प...
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शुक्रवार, 2 नवंबर 2018

अभक्त

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अभक्तों ने मिलकर फिर से स्वांग रचाया है चुनाव आते ही फिर से प्रहसन बनाया है मंचन में पुरुषोत्तम की मर्यादा मर्दन का दृश्य लगाया है और...
सोमवार, 1 अक्टूबर 2018

हे राम

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पहले हम विधर्मियों की मौत पे जश्न मनाते थे फिर हम विजातियों की मौत पे जश्न मनाने लगे आहिस्ते आहिस्ते हमारी संवेदना मरती जाएगी और तब हम...
शनिवार, 25 अगस्त 2018

दलित एक्ट, आरक्षण, वोटबैंक और संवैधानिक शोषण

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दलित एक्ट, आरक्षण, वोटबैंक और संवैधानिक शोषण (अरुण साथी) "आरक्षण को लेकर संविधान सभा में जब चर्चा चल रही थी डॉ भीमराव अंबेडकर ने अपनी...
मंगलवार, 14 अगस्त 2018

हाँ मैं लोकतंत्र हूँ...

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हाँ मैं लोकतंत्र हूँ.. (अरुण साथी) धर्म के नाम पे मार कर आदमी को, उसी की लाश पे जश्न मनाने का सर्व सुलभ यंत्र हूँ... हाँ मैं लोकतंत्र ...
बुधवार, 8 अगस्त 2018

अंधेरा

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चलो फिर से आंधियों को हवा देते है, चलो हर एक चरागों को बुझा देते है!! ये रौशनी ही फसाद करती है "साथी", चलो इस गांव में अंधेरे क...
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मंगलवार, 31 जुलाई 2018

नर-पिशाच

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आदमी जैसा दिखने वाला हर आदमी आदमी नहीं होता आदमी की शक्ल में आजकल नर-पिशाच भी रहते है.. नर-पिशाच प्यासा होता है लहू का नर-पिशाच भूखा होता है...
सोमवार, 30 जुलाई 2018

कातिल

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वक्त वक्त की बात है, वक्त सबका हिसाब रखता है! जलेगा वही जो सिरहाने अपनी आफताब रखता है!! इस दुनिया का यही रिवाज है तो मान लो "साथी...
गुरुवार, 19 जुलाई 2018

हलाला बनाम बलात्कार

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(अरुण साथी) पिता समान ससुर से सेक्स की बात को मजहब के आड़ में हलाला बता सही ठहराते हो हो शैतान और तुम मुल्ले-मौलवी कहलाते हो और ह...
बुधवार, 23 मई 2018

92 शिक्षकों की निकली है बहाली...

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http://www.sheikhpuranews.com/good-morning-good-news-%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-92-%...
सोमवार, 16 अप्रैल 2018

हिन्दू आतंकवाद- मुस्लिम आतंकवाद

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1 मक्का मस्जिद ब्लास्ट में तथाकथित हिन्दू आतंकवाद के अभियुक्तों के रिहा होने पे जो लोग न्यायाधीश को कठघरे में खड़ा कर रहे वही लोग तथाक...
रविवार, 15 अप्रैल 2018

देश क्यों पिछड़ रहा..?

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कोई दलित, कोई सवर्ण कोई जाट कोई गुज्जर कोई पटेल कोई महार कोई हिन्दू, कोई मुसलमान कोई पंजाबी कोई ईसाई के लिए लड़ रहा... सबको अपन...
शुक्रवार, 13 अप्रैल 2018

सधर्मी बलात्कारी

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सधर्मी बलात्कारी कठुआ में काठ मारने जैसा कुछ दरिंदो ने एक मासूम सी कश्मीर की परी से बलात्कार कर हत्या कर दी.. दरिंदों को उस मास...
1 टिप्पणी:
रविवार, 1 अप्रैल 2018

उत्पीड़न हेतु भारत बंद

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#दलित_उत्पीड़न कानून के दुरुपयोग से हो रहे उत्पीड़न को रोकने के लिए जांच कर कार्यवाई के उच्चतम न्यायालय के आदेश पे #भारत_बन्द है, कम व...

अंत राष्ट्रीय मूर्खाधिराज नोबेल पुरस्कार केजरीवाल को ...

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मूर्ख दिवस पे अंत राष्ट्रीय मूर्खाधिराज नोबेल पुरस्कार केजरीवाल को देते हुए जजों ने फरमाया “वैसे तो इस पुरस्कार के रेस में मोद...
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शनिवार, 31 मार्च 2018

बंदरी ने मूर्ख बनाया..

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सुबह सुबह बंदरी ने अकोकिल कर्कश स्वर में आई लव यू सुनाया स्नेहसिक्त मन हर्षाया चेहरे का हर्ष भाव पढ़ बंदरी के मन का वनफूल खिल...
सोमवार, 19 मार्च 2018

बड़गड़ सवाल

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किस्सा, कहानी में भेड़िया आया, भेड़िया आया कहे वला बुतरू ही केजरीवाल हो.. सबके चोर चोर करके एतना कैलको बबाल हो... सबसे माफी मांग कैलक...
रविवार, 18 मार्च 2018

अजी हमपे क्यों बिगड़ते हो..

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"साहेब, युवाओं के रोटी, रोजगार के लिए कुछ क्यों नहीं करते है.." "मंहगाई से लोग परेशान है और किसान आज भी आत्महत्या कर म...
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बुधवार, 27 दिसंबर 2017

बुलेटवा अब दहेजुआ गाड़ी हो.. (सामाजिक कुरीति दहेज पे अपनी मगही बोली में चोट किया है.. पढ़िए तो..)

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बुलेटबा अब दहेजुआ गाड़ी हो गेलो। खरीदे खातिर निम्मल बेटी बाप के गियारी हो गेलो।। 1 पहले ई सवारी हलो रंगदार औ ठेकेदार के, पहचान लगि ...
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Arun sathi
साधारण आदमी। गांव में रहना-सहना। ब्लॉग से पूराना नाता। कुछ भी लिखते रहने की आदत। अपने बारे में बताने को कुछ खास नहीं। बिहार के शेखपुरा जिले के शेरपर गांव निवासी। मीडिया का प्यादा भी। बाकी सब ठीक है। बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय, जो दिल ढूंढा आपना, मुझसा बुरा न कोय...
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